तेरी आँखों में जो देखा मैंने
दिल का हाल ना कह सका मैं
चुप चुप होके देखता हूँ तुझको
बस जुबां से बोल ना सका मैं
गहरी चाहत मेरी उत्तर आई
तेरे चेहरे के हर उस मोड़ पे
बस खड़ा हूँ वहीं किसी छांव में
दिल को सुकून मिलता है वहाँ पे
तेरे बिना अब कैसे रह पाऊँगा
चुपचाप तुझे देखता जाऊंगा
दिल की बात दिल में ही रख लूँगा
तेरे बिना सूना ये जहाँ पाऊँगा
सपनों में रोज़ आता है तेरा Aks
जैसे कोई कहानी हो अधूरी
दिल से बस चाहा है तुझको
मगर जुबां कर जाती है दूरी
कभी निगाहें मिलाते हैं हम
तेरी मुस्कान से दिल धड़कता है
तुझसे कुछ कहने की चाह है
मगर जुबां को रोकता है
तेरे बिना अब कैसे रह पाऊँगा
चुपचाप तुझे देखता जाऊंगा
दिल की बात दिल में ही रख लूँगा
तेरे बिना सूना ये जहाँ पाऊँगा