मायड़ एडा पुत जने जेडा दुर्गादास मार मंडासो थामियों बिन थम्बा आकाश राठौड़ रा रा रा राठौड़ राठौड़ है दुर्गा दास राठौड़ रा रा रा राठौड़ मारवाड़ का वो रक्षक था आसकरण और नेत कंवर का स्वाभिमानी बेटा था राठौड़ रा रा रा राठौड़ है दुर्गा दास राठौड़ रा रा रा राठौड़ रे जोधपुर के सर का तेज कांपे उस से औरंगजेब देखा जसवंत ने उसको शौर्य उसका देख सब बोले उसको परवेज रे राठौड़ रा रा रा राठौड़ है दुर्गा दास राठौड़ रा रा रा राठौड़ दुर्गा बाबा कहते थे उनको स्वाभिमानी उनका अंदाज होकर कायल औरंगजेब ने दे दिया था जोधपुर का ताज पर ना माने दुर्गा दास बोले तलवार और सनातन है प्यारे मरुधर और केसरिया भी है प्यारे नहीं चाहिए सर का ताज वचन मेरा ओर अजित है सबसे प्यारे राठौड़ रा रा रा राठौड़ राठौड़ है दुर्गा दास राठौड़ रा रा रा राठौड़ शत्रु के पोतों को भी पाला अपने वचन को भी संभाला जिसको तीस बरस दिए जीवन के उसने ही दिया देश निकाला पर वचन के खातिर दुर्गा बाबा ना डोले पहन के काला चोला निकल पड़े बिना बोले राठौड़ रा रा ररर रा राठौड़ राठौड़ है दुर्गा दास राठौड़ रा रा रा राठौड़ चरित्र के कितने ऊंचे थे धर्म से कितने महान थे मेवाड़ से उज्जैन गए क्षिप्रा पर दम तोड़ दिया जीवन भर जिसने तप किया वो रण बंका राठौड़ राठौड़ रा रा रा राठौड़ हे दुर्गा दास राठौड़ रा रा रा राठौड़