Ram Bharat Ka Anupam Pyaar-文本歌词

Ram Bharat Ka Anupam Pyaar-文本歌词

Shivani Singh
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राम नाम के दीप जलाएं, हर दिशा में प्रकाश लुटाएं। मन का अंधकार मिटाएं, प्रभु चरणों में शीश झुकाएं। जय-जय श्रीराम की गूंज उठे, हर दिल में प्रेम का सुर सजाएं। सरयू तट की वह बहार, जहाँ जन्मा था जगत अधार। सादगी में छुपा था वैभव, मर्यादा पुरुषोत्तम का आधार। राम जी के चरणों की शरण में, हर संकट का हल मिल जाए। सियावर राम के हम हैं पुजारी, भक्ति में छुपी है शक्ति हमारी। दुष्टों का संहार जो करते, धरा पर धर्म के पालनकारी। उनके गुणगान करें हर पल, सच्चाई का दीप जलाएं। जय राम, जय राम, जय जय राम, सत्य के रक्षक, धर्म के अधराम। राम नाम के दीप जलाएं, हर दिशा में प्रकाश लुटाएं।